नारायणीयमाख्यानम् (Nārāyaṇīyam Ākhyānam) — Nārada’s Return and Hymnic Consolidation
“जबतक इस संसारमें पर्वतोंकी सत्ता रहेगी और जबतक समुद्रोंकी स्थिति बनी रहेगी, तबतक तुम्हारी और तुम्हारे पुत्रकी अक्षय कीर्ति इस संसारमें छायी रहेगी ।।
जब तक इस संसार में पर्वतों की सत्ता रहेगी और जब तक समुद्रों की स्थिति बनी रहेगी, तब तक तुम्हारी और तुम्हारे पुत्र की अक्षय कीर्ति इस जगत् में छायी रहेगी। और हे महामुने! मेरे प्रसाद से तुम इस लोक में सदा अपने पुत्र-सदृश छाया को देखोगे—जो सर्वत्र दिखाई देगी और कभी ओझल न होगी।
भीष्म उवाच