सांख्ययोगभेदः तथा योगबलोपदेशः
Sāṃkhya–Yoga Distinction and Instruction on Yogic Strength
पाणिमध्यगतं दृष्टवा भार्गव तमुमापति: । आस्यं विवृत्य ककुदी पाणिना प्राक्षिपच्छनै:
भीष्म बोले—उसके झुकते ही भार्गव उशना शिव के हाथ के मध्य में आ गए। उशना को हाथ में आया देख, देवेश्वर उमापति शिव ने मुख फैलाया और हाथ के हल्के धक्के से धीरे-धीरे उशना को अपने मुख के भीतर डाल दिया।
भीष्म उवाच