मोक्षोपाय-निर्णयः
Determination of the Means to Liberation
अव्याह्वतं व्याजहार सत्यवानिति नः श्रुतम् वधायोजन्नीयमानेषु पितुरेवानुशासनात्
हमने सुना है कि एक दिन सत्यवान ने देखा—पिता की आज्ञा से बहुत-से अपराधियों को वध के लिए शूली पर चढ़ाने हेतु ले जाया जा रहा है। तब वे पिता के पास गए और ऐसी बात कह दी जो पहले किसी ने नहीं कही थी।
भीष्म उवाच