Daṇḍa, Ahiṃsā, and Proportional Kingship: The Dyumatsena–Satyavān Dialogue (दण्ड-अहिंसा-विवेकः)
अन्ये कृतयुगे धर्मास्त्रितायां द्वापरे परे । अन्ये कलियुगे धर्मा यथाशक्ति कृता इव
yudhiṣṭhira uvāca |
anye kṛtayuge dharmās tritāyāṃ dvāpare pare |
anye kaliyuge dharmā yathāśakti kṛtā iva ||
युधिष्ठिर बोले—कृतयुग के धर्म कुछ और हैं, त्रेता और द्वापर के धर्म कुछ और; और कलियुग के धर्म फिर भिन्न बताए गए हैं—मानो मुनियों ने लोगों की शक्ति के अनुसार ही धर्म की व्यवस्था की हो।
युधिछिर उवाच