धर्मलक्षण-प्रश्नः (Marks and Sources of Dharma) | Chapter 251: Inquiry into the Definition of Dharma
प्रक्लेद: क्षुद्रता स्नेह इत्यपामुपदिश्यते । असृड्मज्जा च यच्चान्यत् स्निग्धं विद्यात् तदात्मकम्
व्यास कहते हैं—क्लेदन (भिगोना/गलाना), सूक्ष्मता और स्निग्धता—ये जल के धर्म बताए गए हैं। रक्त, मज्जा तथा जो कुछ भी स्निग्ध पदार्थ हैं, उन्हें जलमय समझना चाहिए।
व्यास उवाच