कामबन्धन-निवृत्ति तथा शान्तिलक्षण-उपदेशः | Release from Desire-Bondage and the Marks of Peace
सम्बन्धिबान्धवा दिक्षु पृथिव्यां मातृमातुलौ । वृद्धबालातुरकृशास्त्वाकाशे प्रभविष्णव:
सम्बन्धी और बन्धु-बान्धव दिशाओं पर, माता और मामा पृथ्वी पर, तथा वृद्ध, बालक और रोगी-दुर्बल आकाश पर अपना प्रभुत्व रखते हैं। इन सबको संतुष्ट रखने से उन-उन लोकों की प्राप्ति होती है।
व्यास उवाच