अध्यात्म-तत्त्व-निर्णयः
Adhyātma Taxonomy: Elements, Faculties, and Guṇas
तस्मात् सूक्ष्मात् सूक्ष्मतरं नास्ति स्थूलतरं ततः
उस सूक्ष्मस्वरूप परमात्मा से बढ़कर न कोई सूक्ष्मतर है, न कोई स्थूलतर। उसके सब ओर हाथ-पाँव हैं, सब ओर नेत्र, सिर और मुख हैं, तथा सब ओर कान हैं। वह समस्त जगत् को व्याप्त करके स्थित है।
व्यास उवाच