Vimokṣa-niścaya: Pañcaśikha’s Analysis of Aggregates, Guṇas, and Tyāga (मोक्षनिर्णयः)
लोहयुक्तं यथा हेम विपक्वं न विराजते । तथापक््वकषायाख्यं विज्ञानं न प्रकाशते
जैसे लोह-मिश्रित सुवर्ण अग्नि में पकाकर शुद्ध किए बिना नहीं चमकता, वैसे ही चित्त के रागादि दोष नष्ट हुए बिना ज्ञान प्रकाशित नहीं होता।
भीष्म उवाच