Guru’s Instruction on Dream, Mind, Guṇas, and Knowing Brahman
Svapna–Manas–Guṇa–Brahma-vicāra
अन्तर्भूमिगता घोरा निवसन्ति सहस्रश: । शमयिष्यति तच्छुत्वा जह्ृषु: सुरसत्तमा:
भूमि के भीतर पाताल में सहस्रों भयंकर दैत्य निवास करते हैं। यह सुनकर कि भगवान् उन्हें शांत (विनष्ट) करेंगे, श्रेष्ठ देवता हर्षित हो उठे।
भीष्म उवाच