Guru’s Instruction on Dream, Mind, Guṇas, and Knowing Brahman
Svapna–Manas–Guṇa–Brahma-vicāra
कथं शक्ष्यामहे ब्रह्मन् दानवैरभिमर्दनम् । स्वयम्भूस्तानुवाचेदं निसृष्टो5त्र विधिर्मया
“ब्रह्मन्! दानव लोग जिस प्रकार हमें रौंद रहे हैं, उसे हम कैसे सह सकेंगे?” तब स्वयम्भू ब्रह्मा ने उनसे कहा—“देवगण! इस विपत्ति के निवारण हेतु मैंने यहाँ विधि (उपाय) नियत कर दिया है।”
भीष्म उवाच