Brahmacarya-Upāya: Jñāna, Śauca, and the Mind’s Role in Desire (शान्ति पर्व, अध्याय २०७)
केशवो भरतश्रेष्ठ भगवानीश्रवर: प्रभु: । पुरुष: सर्वमित्येव श्रूयते बहुधा विभु:
भरतश्रेष्ठ! भगवान् केशव ही सबके ईश्वर और प्रभु हैं। श्रुति में ‘पुरुष एवेदं सर्वम्’ आदि वचनों द्वारा उसी सर्वव्यापी विभु की महिमा अनेक प्रकार से गायी गई है।
भीष्म उवाच