Doṣa-Parīkṣā and Guṇa-Viveka
Examination of Faults and Discernment of the Guṇas
प्रज्ञया मानसं दु:खं हन्याच्छारीरमौषधै: । एतद् विज्ञानसामर्थ्य न बालै: समतामियात्
बुद्धि और विचार से मानसिक दुःख का नाश करे और औषधियों से शारीरिक कष्ट को दूर करे—यही विज्ञान की सामर्थ्य है; इसलिए मनुष्य दुःख पड़ने पर बालकों की भाँति बैठकर रोए नहीं।
भीष्म उवाच