Adhyāya 199: Karma–Jñāna Causality and the Nirguṇa Brahman
Manu’s Instruction
धर्म उवाच यदि त्व॑ं नेच्छसे त्यक्तुं शरीरं पश्य वै द्विज । एष कालस्तथा मृत्युर्यमश्न त्वामुपागता:
dharma uvāca | yadi tvaṁ necchase tyaktuṁ śarīraṁ paśya vai dvija | eṣa kālas tathā mṛtyur yamaś ca tvām upāgatāḥ ||
धर्म ने कहा—ब्राह्मण! यदि तुम शरीर छोड़ना नहीं चाहते, तो देखो—काल, मृत्यु और यम तुम्हारे पास आ पहुँचे हैं। यह मर्त्य-धर्म का आह्वान है; देहधारी कोई भी नियति के विधान को टाल नहीं सकता।
धर्म उवाच