भृगु–भरद्वाजसंवादः: वर्णभेदस्य कर्माधारितव्याख्या
Bhrigu–Bharadvaja Dialogue: A Karma-Based Account of Varṇa
अहमासं पण्डितको हैतुको वेदनिन्दक: । आन्वीक्षिकीं तर्कविद्यामनुरक्तो निरर्थिकाम्
पूर्वजन्म में मैं पण्डित था, पर कुतर्क का आश्रय लेकर वेदों की निन्दा करता था। उस समय मैं निरर्थक आन्वीक्षिकी—सूखी तर्कविद्या—में ही आसक्त था।
भीष्म उवाच