बक-गौतमाख्यानम् / The Baka–Gautama Account
On Gratitude and Friendship Ethics
अचरद् वैरिसड्रेषु दावाग्निरिव कक्षग: । जैसे सूखी लकड़ी और घास-फूँसमें लगा हुआ दावानल वनके समस्त वृक्षोंको जला देता है
भगवान् रुद्र शत्रुओं के समुदाय में ऐसे विचरने लगे जैसे सूखी लकड़ी और घास-फूस में लगा दावानल समूचे वन को जला डालता है। वे दैत्यों को मारते-काटते, चीरते-फाड़ते, घायल करते, छेदते, और विदीर्ण करके धराशायी करते हुए आगे बढ़ते गए।
भीष्म उवाच