लुब्धक-कपोत-कपोती-आख्यानम्
The Hunter and the Pigeon Couple: Expiation and Refuge-Ethics
वातवर्ष महच्चासीन्न चागच्छति मे प्रिया । कि नु तत् कारणं येन साद्यापि न निवर्तते
कबूतर दुःखी होकर विलाप करने लगा—“अहो! आज बड़ी भारी आँधी और वर्षा हुई है; किंतु अब तक मेरी प्रिया भार्या लौटकर नहीं आई। ऐसा कौन-सा कारण हो गया कि वह अभी तक नहीं लौट सकी?”
भीष्म उवाच