Śaraṇāgatapālana—Prastāvanā
Protection of the Refuge-Seeker: Opening of the Kapota Narrative
एवं दण्डं प्रशंसन्ति पण्डितास्तत्त्वदर्शिन: । तस्माच्चतुष्टये तस्मिन् प्रधानो दण्ड उच्यते
इस प्रकार तत्त्वदर्शी पण्डित दण्ड की प्रशंसा करते हैं; अतः उन चार उपायों—साम, दान, भेद और दण्ड—में दण्ड को ही प्रधान कहा गया है।
भीष्म उवाच