Dasyu-maryādā and Buddhi-guided Rāja-nīti (दस्युमर्यादा तथा बुद्धिप्रधान-राजनीति)
रुतज्ञा सर्वभूतानां यथा वै जीवजीवक: । सर्वज्ञा सर्वतत्त्वज्ञा तिर्यग्योनिं गतापि सा
वह चिड़िया ‘जीवजीवक’ नामक विशेष पक्षी के समान समस्त प्राणियों की बोली समझती थी; और तिर्यग्योनि में उत्पन्न होकर भी वह सर्वज्ञ तथा समस्त तत्त्वों को जानने वाली थी।
भीष्म उवाच