Daṇḍa-svarūpa-nirūpaṇa
The Nature, Forms, and Function of Daṇḍa
भीष्म उवाच रक्षणं सर्वभूतानामिति क्षात्रं परं मतम् । तद् यथा रक्षणं कुर्यात् तथा शृणु महीपते
भीष्म बोले— हे महीपते! क्षत्रिय के लिए सर्वोच्च धर्म यही माना गया है कि वह समस्त प्राणियों की रक्षा करे। वह रक्षा कैसे की जाए, यह सुनो— मैं बताता हूँ।
भीष्म उवाच