Ālasyadoṣa-nirdeśa (On the Fault of Negligence) — The Camel’s Long-Neck Exemplum
राज्यं तिष्ठति दक्षस्य संगृहीतेन्द्रियस्य च । आर्तस्य बुद्धिमूलं हि विजयं मनुरब्रवीत्,जो जितेन्द्रिय और कार्यदक्ष है, उसीका राज्य स्थिर रहता है। मनुजीका कथन है कि संकटमें पड़े हुए राजाकी विजयका मूल बुद्धि-बल ही है
rājyaṃ tiṣṭhati dakṣasya saṅgṛhītendriyasya ca | ārtasya buddhimūlaṃ hi vijayaṃ manur abravīt ||
जिसने इन्द्रियों को वश में किया है और जो कार्य में दक्ष है, उसी का राज्य स्थिर रहता है। मनु ने कहा है कि संकट में पड़े राजा की विजय का मूल बुद्धि-बल ही है।
उड्ड उवाच