Vyāghra–Gomāyu Saṃvāda (व्याघ्रगोमायु संवाद) — Testing Character Beneath Appearances
मदीया माननीयास्ते श्रोतव्यं च हितं वच: । कल्पिता या च मे वृत्ति: सा भवेत् त्वयि सुस्थिरा
मेरे आत्मीय जन आपके द्वारा माननीय होंगे; मेरी कही हुई हितकर बातें आपको सुननी होंगी। और मेरे लिए जो जीविका की व्यवस्था आपने की है, वह आपके पास स्थिर और सुरक्षित बनी रहे।
शार्टूल उवाच