शूरलक्षणवर्णनम् | Marks and Typologies of Martial Temperament
गोधानिमीलिता: केचिन्मृदुप्रकृतयस्तथा । तरड्भगतिनिर्घोषास्ते नरा: पारयिष्णव:
godhā-nimīlitāḥ kecin mṛdu-prakṛtayas tathā | taraḍ-bhaga-ti-nirghoṣās te narāḥ pārayiṣṇavaḥ ||
भीष्म बोले—कुछ मनुष्य गोहटी के समान आँखें मींचे रहते हैं, स्वभाव से कोमल होते हैं और जिनके चलने पर घोड़े की टाप जैसी ध्वनि होती है। ऐसे मनुष्य युद्ध के संकट को पार कर जाते हैं।
भीष्म उवाच