रणभूमिवर्णनम् — Devāsuropama-yuddha and the ‘River’ Metaphor of the Battlefield
ततो बलानि सर्वाणि हतशिष्टानि भारत । प्रस्थितानि व्यदृश्यन्त मृत्युं कृत्वा निवर्तनम्,भारत! तत्पश्चात् मरनेसे बची हुई सारी सेनाएँ मृत्युको ही युद्धसे लौटनेका निमित्त बनाकर प्रस्थान करती दिखायी दीं
tato balāni sarvāṇi hataśiṣṭāni bhārata | prasthitāni vyadṛśyanta mṛtyuṁ kṛtvā nivartanam ||
तदनन्तर, हे भारत! वध से बची हुई समस्त सेनाएँ प्रस्थान करती दिखीं—मानो मृत्यु को ही लौटने का कारण बनाकर; क्योंकि उस रणभूमि से लौटना भी मृत्यु के द्वारा ही संभव था।
संजय उवाच