रणभूमिवर्णनम् — Devāsuropama-yuddha and the ‘River’ Metaphor of the Battlefield
अभ्ययु: कौरवान् राजन् योत्स्यमाना: समन्ततः । राजन! इसी प्रकार उस महासमरमें पाण्डव भी अपनी सेनाका व्यूह बनाकर सब ओरसे युद्धके लिये उद्यत हो कौरवोंपर चढ़ आये
abhyayuḥ kauravān rājan yotsyamānāḥ samantataḥ |
राजन्! कौरव सब ओर से युद्ध की इच्छा से आगे बढ़े। उसी प्रकार उस महासमर में पाण्डवों ने भी अपनी सेना का व्यूह रचकर, चारों दिशाओं से युद्ध के लिए उद्यत होकर, कौरवों पर धावा बोल दिया।
संजय उवाच