Duryodhana-patana-anuśocana
The Fall of Duryodhana and the Contest of Restraint
अन्योन्यं तौ जिघांसन्तौ प्रवीरौ पुरुषर्षभौ । युयुधाते गरुत्मन्तौ यथा नागामिषैषिणौ
एक-दूसरे का वध करने की इच्छा से युक्त वे दोनों प्रधान वीर, पुरुषसिंह भीमसेन और दुर्योधन, वैसे ही परस्पर जूझ रहे थे जैसे सर्प-मांस की चाह में दो गरुड़ आपस में लड़ें।
वायुदेव उवाच