Kārttikeya-Abhiṣecana: Mātṛgaṇa-Nāma Saṃkīrtana and Skanda’s Commission
तादृशानां सहस्राणि प्रयुतान्यर्बुदानि च । अभिषिक्तं महात्मान॑ परिवार्योपतस्थिरे,ऐसे-ऐसे सहस्रों, लाखों और अरबों पार्षद अभिषेकके पश्चात् महात्मा स्कन्दको चारों ओरसे घेरकर खड़े हो गये
tādṛśānāṁ sahasrāṇi prayutāny arbudāni ca | abhiṣiktaṁ mahātmānaṁ parivāryopatasthire ||
ऐसे-ऐसे सहस्रों, प्रयुतों और अर्बुदों की संख्या में वे जन एकत्र हुए। अभिषेक के पश्चात् महात्मा स्कन्द को चारों ओर से घेरकर वे उसकी सेवा में उपस्थित हो गए॥
वैशम्पायन उवाच