सरस्वतीतीर्थानुक्रमः — बलरामस्य तीर्थयात्रा
Sarasvatī Tīrtha Itinerary — Balarāma’s Pilgrimage
अस्मिन् प्रतिभये कूपे निमग्नं नष्टचेतसम् । उस समय महर्षिने उनसे कहा--'देवताओ! देखो, मैं किस दशामें पड़ा हूँ। इस भयानक कूपमें गिरकर अपनी सुध-बुध खो बैठा हूँ"
asmin pratibhaye kūpe nimagnaṁ naṣṭacetasaṁ |
वैशम्पायन बोले—महर्षि ने कहा—“देवताओं! देखो, मैं कैसी दशा में हूँ। इस भयानक कूप में गिरकर मैं डूब गया हूँ और मेरी चेतना नष्ट-सी हो गई है; सुध-बुध नहीं रही।”
वैशम्पायन उवाच