Trita in the Well (Udapāna-kathā) — Balarāma’s Tīrtha Observances
वैशम्पायन उवाच दक्षस्य तनयास्तात प्रादुरासन् विशाम्पते । स सप्तविंशतिं कन्या दक्ष: सोमाय वै ददौ,वैशम्पायनजीने कहा--तात! प्रजानाथ! प्रजापति दक्षके बहुत-सी संतानें उत्पन्न हुई थीं। उनमेंसे अपनी सत्ताईस कन्याओंका विवाह उन्होंने चन्द्रमाके साथ कर दिया था
वैशम्पायन बोले—तात! प्रजानाथ! प्रजापति दक्ष के यहाँ बहुत-सी संतानें उत्पन्न हुईं। उनमें से दक्ष ने अपनी सत्ताईस कन्याएँ सोम (चन्द्रमा) को प्रदान कीं॥
वैशम्पायन उवाच