Trita in the Well (Udapāna-kathā) — Balarāma’s Tīrtha Observances
न कुर्वन्ति वचो महां कुरव: कालनोदिता: । निर्गच्छध्वं पाण्डवेया: पुष्पेण सहिता मया,“कौरव कालके अधीन हो रहे हैं, इसलिये वे मेरा कहना नहीं मानते हैं। पाण्डवो! अब तुमलोग मेरे साथ पुष्य नक्षत्रमें युद्धके लिये निकल पड़ो,
na kurvanti vaco mahān kuravaḥ kālanoditāḥ | nirgacchadhvaṃ pāṇḍaveyāḥ puṣpeṇa sahitā mayā ||
वैशम्पायन बोले—काल से प्रेरित महान् कौरव मेरी बात नहीं मानते। इसलिए हे पाण्डवपुत्रो! तुम सब मेरे साथ, पुष्य नक्षत्र के योग में, युद्ध के लिए निकल पड़ो।
वैशम्पायन उवाच