शल्यपर्व — चतुर्विंशोऽध्यायः | Śalya Parva, Chapter 24: Disruption of Kaurava Formations and the Elephant Encirclement
इस प्रकार श्रीमह्याभारत शल्यपर्वमें संकुलयुद्धविषयक तेईसवाँ अध्याय पूरा हुआ,मूढांस्तु सर्वथा मन्ये धार्तराष्ट्रानू सुबालिशान् । पतिते शान्तनो: पुत्रे येडकार्षु: संयुगं पुन: “मैं धृतराष्ट्रके सभी पुत्रोंको सर्वथा मूर्ख और नादान समझता हूँ, जिन्होंने शान्तनुनन्दन भीष्मजीके धराशायी होनेपर भी पुनः युद्ध जारी रखा
mūḍhāṁs tu sarvathā manye dhārtarāṣṭrān subāliśān | patite śāntanoḥ putre ye ’kārṣuḥ saṁyugaṁ punaḥ ||
संजय बोले—मैं धृतराष्ट्र के पुत्रों को सर्वथा मूढ़ और नितान्त नादान मानता हूँ; क्योंकि शान्तनुनन्दन भीष्म के धराशायी हो जाने पर भी उन्होंने फिर से युद्ध छेड़ दिया।
संजय उवाच