Śālva’s Elephant Assault and the Counterstroke (शाल्वस्य नागारूढाभ्यवहारः)
विजानातु नृपो दु:खं यत् प्राप्तं पाण्डुनन्दनै: । “आजसे वे स्वयं ही दासतुल्य होकर कुन्तीपुत्र युधिष्ठिरकी परिचर्या करते हुए अच्छी तरह समझ लें कि “पाण्डवोंने पहले कितना कष्ट उठाया था?”
vijānātu nṛpo duḥkhaṃ yat prāptaṃ pāṇḍunandanaiḥ |
संजय बोले—राजा पाण्डु-पुत्रों पर आए हुए उस दुःख को भली-भाँति समझ ले।
संजय उवाच