Śalya–Yudhiṣṭhira Duel and the Discharge of the Śakti (शल्यवधप्रसङ्गः)
शकुनिं सहदेवस्तु सहसैन्यमवाकिरत् । नकुल: पार्श्वतः स्थित्वा मद्रराजमवैक्षत,सहदेवने सेनासहित शकुनिको बाणोंसे आच्छादित कर दिया। नकुल पास ही खड़े होकर मद्रराजकी ओर देख रहे थे
śakuniṃ sahadevas tu sahasainyam avākirat | nakulaḥ pārśvataḥ sthitvā madrarājam avaikṣata ||
सहदेव ने सेना सहित शकुनि को बाणों की घनी वर्षा से आच्छादित कर दिया। नकुल पास ही खड़े होकर मद्रराज की ओर एकटक देख रहे थे।
संजय उवाच