Aśvatthāmā’s Buddhi-Doctrine and Nocturnal Incursion Resolve (अश्वत्थाम्नः बुद्धिविचारः सौप्तिकसंकल्पश्च)
कारणान्तरयोगेन योगे येषां समागति: । अन्योन्येन च तुष्यन्ति बहु मन्यन्ति चासकृत्
यदि किन्हीं अन्य कारणों के संयोग से एक समुदाय में जिन-जिनके विचार परस्पर मिल जाते हैं, वे एक-दूसरे से संतुष्ट होते हैं और बार-बार एक-दूसरे के प्रति अधिक सम्मान प्रकट करते हैं।
संजय उवाच