Yudhiṣṭhira’s Lament and Kṛṣṇa’s Rudra-Cosmogony Explanation (सौप्तिक पर्व, अध्याय १७)
ततस्ताभ्यो ददावन्नमोषधी: स्थावराणि च । जज़मानि च भूतानि दुर्बलानि बलीयसाम्
तब ब्रह्मा ने उन प्रजाओं को अन्न, ओषधि तथा अन्य स्थावर पदार्थ जीवन-निर्वाह हेतु दिये; और जो अत्यन्त बलवान् थे, उनके लिये दुर्बल जंगम प्राणियों को ही आहार ठहरा दिया।
वैशम्पायन उवाच