Yudhiṣṭhira’s Lament and Kṛṣṇa’s Rudra-Cosmogony Explanation (सौप्तिक पर्व, अध्याय १७)
एवं सिसक्षुर्भूतानि ददर्श प्रथमं विभु: । पितामहो<ब्रवीच्चैनं भूतानि सृज मा चिरम्
वैशम्पायन बोले— प्राणियों की सृष्टि करने की इच्छा से प्रभावशाली पितामह ब्रह्मा ने सबसे पहले महादेव को ही देखा। तब पितामह ने उनसे कहा— ‘प्रभो! विलम्ब न कीजिये; आप शीघ्र ही समस्त भूतों की सृष्टि कीजिये।’
वैशम्पायन उवाच