अध्याय १ — न्यग्रोधवनोपवेशनम् तथा द्रौणिनिश्चयः
Night at the Banyan and Drauṇi’s Resolve
हतो दुर्योधनो राजा एकवीरो महाबल: । यस्यार्थे वैरमस्माभिरासक्तं पाण्डवै: सह
राजा दुर्योधन—अद्वितीय वीर, महाबली—मारा गया; जिसके लिए हमने पाण्डवों के साथ वैर बाँध रखा था।
संजय उवाच