धृतराष्ट उवाच कथं गच्छति कौन्तेयो धर्मपुत्रो युधिष्ठिर: । भीमसेन: सव्यसाची माद्रीपुत्रोी च पाण्डवौ
धृतराष्ट्र बोले— विदुर! कुन्तीनन्दन धर्मपुत्र युधिष्ठिर किस प्रकार जा रहे हैं? भीमसेन, सव्यसाची अर्जुन तथा माद्रीपुत्र नकुल-सहदेव—ये पाण्डव किस प्रकार जा रहे हैं?
धृतराष्ट उवाच