यथेच्छन्ति तथैवास्तु प्रत्यागच्छन्तु पाण्डवा: । पुनर्द्यूतं च कुर्वन्तु मामका: पाण्डवै: सह,“ये सब जैसा चाहते हैं, वैसा ही हो। पाण्डव लौट आयें और मेरे पुत्र उनके साथ फिर जूआ खेलें”
yathecchanti tathaivāstu pratyāgacchantu pāṇḍavāḥ | punardyūtaṃ ca kurvantu māmakāḥ pāṇḍavaiḥ saha ||
वे जैसा चाहते हैं, वैसा ही हो। पाण्डव लौट आएँ, और मेरे पुत्र पाण्डवों के साथ फिर से जूआ खेलें।
वैशम्पायन उवाच