Sabhā Parva, Adhyāya 68 — Pāṇḍavānāṃ Vanavāsa-prasthānaḥ; Duḥśāsana-nindā; Pāṇḍava-pratijñāḥ
अस्या: कृते मन्युरयं त्वयि राजन् निपात्यते । बाहू ते सम्प्रधक्ष्यामि सहदेवाग्निमानय,राजन! द्रौपदीकी इस दुर्दशाके लिये मैं आपपर ही अपना क्रोध छोड़ता हूँ। आपकी दोनों बाहें जला डालूँगा। सहदेव! आग ले आओ
asyāḥ kṛte manyur ayaṃ tvayi rājan nipātyate | bāhū te sampradhakṣyāmi sahadeva agnim ānaya ||
भीम ने कहा—राजन्! द्रौपदी की इस दुर्दशा के कारण मैं अपना क्रोध तुम पर ही उतारता हूँ। मैं तुम्हारी दोनों भुजाएँ जला डालूँगा। सहदेव! अग्नि ले आओ।
भीम उवाच