Adhyāya 48 — Duryodhana’s Account of Tribute and the Provisioned Court (सभा पर्व, अध्याय ४८)
अग्निदाहान्मयं चापि मोक्षयित्वा स दानवम् | सभां तां कारयामास सव्यसाची परंतप:,सव्यसाची परंतप अर्जुनने मय दानवको आगमें जलनेसे बचाया और उसीके द्वारा उस दिव्य सभाका निर्माण कराया
agnidāhān mayaṃ cāpi mokṣayitvā sa dānavam | sabhāṃ tāṃ kārayāmāsa savyasācī parantapaḥ ||
दुर्योधन बोला—परंतप सव्यसाची अर्जुन ने अग्निदाह से मय दानव को बचाया और उसी मय के द्वारा उस दिव्य सभा का निर्माण कराया।
दुर्योधन उवाच