Bhīṣma–Śiśupāla-saṃvādaḥ
Bhishma and Shishupala’s exchange in the assembly
यद्यनेन हतो बाल्ये शकुनिश्ित्रमत्र किम् । तौ वाश्ववृषभौ भीष्म यौ न युद्धविशारदौ
भीष्म! यदि इसने बाल्यावस्था में किसी पक्षी को मार डाला, अथवा युद्ध-कौशल से सर्वथा अनभिज्ञ केशी नामक अश्व और अरिष्ट नामक वृषभ को मार गिराया—तो इसमें क्या आश्चर्य है?
शिशुपाल उवाच