Adhyāya 32: Rājasūya-Dīkṣā and Appointment of Court Offices (राजसूयदीक्षा तथा अधिकारविनियोगः)
निर्याय खाण्डवप्रस्थात् प्रतीचीमभितोदिशम् । उद्दिश्य मतिमान् प्रायान्महत्या सेनया सह,बुद्धिमान माद्रीकुमारने विशाल सेनाके साथ खाण्डवप्रस्थसे निकलकर पश्चिम दिशामें जानेके लिये प्रस्थान किया
niryāya khāṇḍavaprasthāt pratīcīm abhitodiśam | uddiśya matimān prāyān mahatyā senayā saha ||
खाण्डवप्रस्थ से निकलकर बुद्धिमान राजकुमार विशाल सेना के साथ पश्चिम दिशा की ओर जाने के लिए, निश्चित उद्देश्य से प्रस्थान कर गया।
वैशम्पायन उवाच