Bhīmasena’s Digvijaya and Tribute Return (भीमस्य दिग्विजयः धननिवेदनं च)
स विनिर्जित्य संग्रामे हिमवन्तं सनिष्कुटम् । श्वेतपर्वतमासाद्य न्यविशत् पुरुषर्षभ:,इसके बाद पुरुषोत्तम अर्जुन संग्राममें हिमवान् और निष्कुट प्रदेशके अधिपतियोंको जीतकर धवलगिरिपर आये और वहीं सेनाका पड़ाव डाला
sa vinirjitya saṅgrāme himavantaṃ saniṣkuṭam | śvetaparvatam āsādya nyaviśat puruṣarṣabhaḥ ||
संग्राम में हिमवान् तथा निष्कुट-प्रदेश को जीतकर पुरुषश्रेष्ठ अर्जुन श्वेतपर्वत पर पहुँचे और वहीं सेना का पड़ाव डाल दिया।
वैशम्पायन उवाच