राक्षसाश्न पिशाचाश्व दानवा गुह्कास्तथा,इसी प्रकार राक्षस, पिशाच, दानव, गुह्मक, नाग, सुपर्ण तथा श्रेष्ठ पशु भी वहाँ पितामह ब्रह्माजीकी उपासना करते हैं। स्थावर और जंगम महाभूत, देवराज इन्द्र, वरुण, कुबेर, यम तथा पार्वतीसहित महादेवजी--ये सब सदा उस सभामें पधारते हैं
उसी प्रकार राक्षस, पिशाच, दानव और गुह्यक; नाग, सुपर्ण तथा श्रेष्ठ पशु भी वहाँ पितामह ब्रह्मा की उपासना करते हैं। स्थावर-जंगम महाभूत, देवराज इन्द्र, वरुण, कुबेर, यम तथा पार्वती सहित महादेव—ये सब सदा उस सभा में पधारते हैं।
नारद उवाच