अद्य राजास्मि गोविन्द पृथिव्यां भ्रातृभि: सह । त्वया नाथेन वीरेण विदुषा परिपालित:,उन्होंने कहा--“गोविन्द! आप-जैसे विद्वान् और वीर स्वामी एवं संरक्षकके द्वारा सुरक्षित होकर आज मैं भाइयोंसहित इस भूमण्डलका राजा हो गया
adya rājāsmi govinda pṛthivyāṃ bhrātṛbhiḥ saha | tvayā nāthena vīreṇa viduṣā paripālitaḥ ||
उन्होंने कहा—“गोविन्द! आज मैं भाइयों सहित इस पृथ्वी का राजा हो गया हूँ; आप जैसे वीर और विद्वान् नाथ-रक्षक के द्वारा मैं सुरक्षित और परिपालित हूँ।”
संयज उवाच