धृष्टद्युम्नं रणे दृष्टवा त्वदीया: प्रादवन् भयात् । धृष्टद्युम्नके रथके घोड़े कबूतरके समान रंगवाले थे, उनकी ध्वजापर कचनारके वृक्षका चिह्नन था। धृष्टद्युम्नको रणमें उपस्थित देख आपके योद्धा भयसे भाग खड़े हुए ।।
रण में धृष्टद्युम्न को देखकर आपके योद्धा भय से भाग खड़े हुए। धृष्टद्युम्न के रथ के घोड़े कबूतर के समान रंग वाले थे और उसकी ध्वजा पर कचनार-वृक्ष का चिह्न था। धृष्टद्युम्न को युद्धभूमि में उपस्थित देखकर आपकी सेना भयाक्रांत होकर पीछे हट गई।
संजय उवाच