स पार्थबाणाभिहत: पपात रथाद् विबाहुर्विशिरा धरायाम्
sa pārthabāṇābhihataḥ papāta rathād vibāhur viśirā dharāyām
संजय बोले—अर्जुन के बाणों से आहत वह रथ से गिर पड़ा; भुजाएँ कट चुकी थीं, शिर भी छिन्न हो गया था, और वह धरती पर आ पड़ा।
संजय उवाच