द्विसाहस््रा: पातिता युद्धशौण्डा नानादेश्या: सुभृता: सत्यसंधा: । एकेन संख्ये नकुलेन कृत्ता जयेप्सुनानुत्तमचन्दनाड़्ा:
dvisāhasrāḥ pātitā yuddhaśauṇḍā nānādeśyāḥ subhṛtāḥ satyasaṃdhāḥ | ekena saṅkhye nakulena kṛttā jayepsunānuttamacandanāḍyāḥ ||
संजय बोले—नाना देशों में उत्पन्न, युद्धकुशल, अच्छी तरह पाले-पोसे गए, सत्य-प्रतिज्ञ और उत्तम चन्दन से चर्चित अंगों वाले विजयाभिलाषी दो हजार योद्धा रण में अकेले नकुल के हाथों काट डाले गए।
संजय उवाच