एतदत्यद्धभुतं कर्म दृष्टवानस्मि भारत
etad atyadbhutaṁ karma dṛṣṭavān asmi bhārata
हे भारत! मैंने यह कर्म देखा है—अत्यन्त अद्भुत, साधारण से परे।
संजय उवाच