अहं हि तेनानुमतो महात्मना क्षणेन हन्यां सचराचरं जगत् । “नरदेव! पिनाकधारी भगवान् शंकरको छोड़कर दूसरा कोई भी मेरे समान धनुर्धर नहीं है। उन महात्मा महेश्वरने मेरी वीरताका अनुमोदन किया है। मैं चाहूँ तो क्षणभरमें चराचर प्राणियोंसहित सम्पूर्ण जगत्को नष्ट कर डालूँ
अर्जुन बोले— “नरदेव! पिनाकधारी भगवान शंकर को छोड़कर दूसरा कोई भी मेरे समान धनुर्धर नहीं है। उन महात्मा महेश्वर ने मेरी वीरता का अनुमोदन किया है। मैं चाहूँ तो क्षणभर में चराचर प्राणियों सहित सम्पूर्ण जगत् को नष्ट कर डालूँ।”
संजय उवाच